PF Rules: लाखों नौकरीपेशा लोगों के लिए काम की खबर, EPFO के नए नियम से नौकरी में होगा यह फायदा

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PF Rules: PF खाताधारकों व नौकरीपेशा लोगों के लिए यह काम की खबर है। EPFO (कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन) ने लाखों खाताधारकों के लिए एक नई सुविधा लॉन्‍च की है। EPF के पोर्टल पर ‘date of exit’ का नया फीचर जोड़ा गया है। इसके चलते अब खाताधारक, कर्मचारी अपनी नौकरी बदलने पर इसकी जानकारी पोर्टल पर अपडेट कर सकेंगे। अभी तक खाताधारकों के पास यह अधिकार नहीं था। ऐसे में नौकरी छोड़ने के दिन या नौकरी के आखिरी दिन को घोषित करने के लिए उन्‍हें अपनी पूर्व कंपनी या पूर्व नियोक्‍ता पर निर्भर रहना पड़ता था, क्‍योंकि EPF के सब्‍स्‍क्राइबर्स के पास ऑनलाइन सुविधा नहीं थी। लेकिन अब खाताधारक अपनी नौकरी छोड़ने की तारीख पोर्टल पर खुद अपडेट कर सकेंगे। EPFO ने ट्वीट करते हुए इस नए निर्णय की सूचना दी है।

EPFO portal पर Date Of Exit को कैसे अपडेट करें, यहां जानिये

1) EPFO portal पर आपके UAN (Universal Account Number) का पासवर्ड डालते हुए यहां लॉन इन करें।

2) इसके बाद “Manage” सेक्‍शन में जाइये और यहां “Mark Exit” पर क्लिक करें। इसके बाद आपको ड्रॉपडाउन मीनू के “select employment” में PF खाता नंबर चुनने का ऑप्‍शन मिलेगा।

3) यहां नौकरी छोड़ने की तारीख और वजह का उल्‍लेख करें। इसके बाद “Request OTP” ऑप्‍शन पर क्लिक करें। आपको आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा। इसके बाद चैकबॉक्‍स को सिलेक्‍ट करें और इसके बाद “Update” पर क्लिक करें और उसके बाद “OK” पर क्लिक करें।

4) इसके बाद आपको इस आशय का मैसेज प्राप्‍त होगा कि आपका date of exit सफलतापूर्वक अपडेट हो गया है। एक बार यह हो जाने के बाद आप “View” और “Service History” पर जाकर देख सकते हैं। यहां आपको डेट ऑफ ज्‍वाइनिंग से लेकर एग्जिट तक की जानकारी EPF और EPS की ओर से दिखाई जाएगी।

इस बात का रखें ध्‍यान

आपको यह ध्‍यान रखना होगा कि आप अपनी डेट ऑफ एग्जिट कंपनी छोड़ने से दो महीने पहले मार्क नहीं कर सकते। पिछले कुछ समय में कई EPF खाताधारकों ने यह शिकायत की है कि उनके पिछले संस्‍थान उन्‍हें EPFO पर डेट ऑफ एग्जिट घोषित करने में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

इसलिए है यह जरूरी

नौकरी छोड़ने की तारीख को मार्क करना बहुत ज़रूरी है। इसका अंदाजा इस बात से लगाएं कि भविष्‍य में होने वाले आपके सैटलमेंट और क्‍लेम को यह चीज प्रभावित कर सकती है। नौकरी बदलने के बाद अगर आपकी डेट ऑफ एग्जिट ठीक तरह से मार्क नहीं की गई है तो आपकी नौकरी के रिकॉर्ड को निरंतर नहीं माना जाएगा और इसके चलते हो सकता है इस अवधि के लिए आपके द्वारा अर्जित ब्‍याज पर आपको टैक्‍स चुकाने को कहा जाए।

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