खतरनाक है हायपरटेंशन, जानिए लक्षण और बचाव के तरीके

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हायपरटेंशन के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रसिद्ध मेडिकल जर्नल ‘द लेनसेट’ के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर की जड़ में हाई ब्लड प्रेशर है, जिसके कारण स्ट्रोक, हार्ट संबंधी बीमारियां और किडनी की खराबी के मामले सामने आ रहे हैं। (ऐम्स) द्वारा भारत में किए गए अपने तरह के पहले अध्ययन में भी इस बात की पुष्टि हुई है कि यहां भी हाई ब्लड प्रेशर कई तरह की बीमारियों को जन्म दे रहा है। 

myupchar.com से जुड़े डॉ. नबी वली के अनुसार, ‘लाइफस्टाइल, अनुचित आहार और तनाव, मूल रूप से हाई ब्लड प्रेशर के कारण हैं। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहे तो शरीर के लिए बहुत घातक होती है और हार्ट अटैक का कारण भी बन सकती है। 140/90 से ज्यादा का ब्लड प्रेशर हाई माना जाता है।’

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण क्या हैं?

डॉ. नबी वली के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर साइलेंट किलर है। इसलिए इसके जुड़े निम्न लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए

– सांस लेने में तकलीफ होना, सीने में दर्द महससू होना

– अचानक सिरदर्द शुरू होना, चक्कर आना

– नाक से खून आना। मूत्र में भी खून निकलना

हायपरटेंशन का सबसे ज्यादा खतरा किनको?

यूं तो हायपरटेंशन उम्र के किसी भी दौर में हो सकता है, लेकिन नीचे दिए मामलों में इसका खतरा अधिक रहता है – 

वृद्धावस्था: उम्र के साथ हमारी धमनियां कठोर और मोटी होती जाती हैं। यानी हार्ट को ज्यादा ब्लड पम्प करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, जिससे ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है।

वजन बढ़ना: मोटे या अधिक वजन वाले लोगों में ब्लडप्रेशर का खतरा अधिक होता है।

लिंग: युवावस्था में हाई ब्लड प्रेशर पुरुषों को ज्यादा निशाना बनाता है, जबकि 50 साल की उम्र के बाद यह महिलाओं को अधिक प्रभावित करता है।

खराब लाइफस्टाइल: जीवनशैली की कुछ आदतें जैसे गलत आहार, व्यायाम की कमी, शराब और धूम्रपान हायपरटेंशन को बढ़ाते हैं। 

पारिवारिक इतिहास: परिवार में यदि पहले किसी को हायपरटेंशन रहा है तो अन्य सदस्यों या आने वाली पीढ़ी को भी हो सकता है।

हायपरटेंशन से कैसे बचा सकता है?

आहार पर ध्यान दें: स्वस्थ भोजन कई समस्याओं से बचाता है। हायपरटेंशन का भी यही इलाज है। फल, सब्जियां और अंकुरित अनाज खाने की आदत बनाएं। गरिष्ठ भोजन से बचें। नमक का सेवन सीमित करें, और ब्लडप्रेशर कंट्रोल करने के लिए पोटेशियम का सेवन बढ़ाएं।

नियमित व्यायाम करें: नियमित व्यायाम से वजन और ब्लडप्रेशर कंट्रोल रहता है। ब्रिस्क-वॉकिंग या अन्य एरोबिक एक्सरसाइज हार्ट के लिए अच्छे हैं। इससे हार्ट तेजी से धड़कता है और सामान्य से अधिक ऑक्सीजन का उपयोग करता है।

शराब सेवन पर नियंत्रण रखें: शराब और सिगरेट हार्ट के लिए अच्छे नहीं हैं। बहुत अधिक शराब हाई बीपी के खतरे को बढ़ाता है और इससे वजन बढ़ता है। 

धूम्रपान छोड़ें: वातावरण में पहले से ही पर्याप्त धुआं है, स्मोकिंग के जरिए हार्ट और फेफड़ों पर और अधिक बोझ क्यों डालें? धूम्रपान हर तरीके से सेहत के लिए हानिकारक है। सीधा असर फेफड़ों और हार्ट पर पड़ता है। साथ ही इससे ब्लड प्रेशर भी बढ़ता है।

तनाव न लें: तनाव और चिंता मानसिक स्वास्थ्य या शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। तनाव के दौरान रक्त वाहिकाएं संकुचित हो जाती हैं जो हार्ट पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं। तनाव के साथ ही अधिक खाना, नींद नहीं आना, मादक द्रव्यों के सेवन या शराब के सेवन भी हृदय रोगों के जोखिम बढ़ाते हैं।

पल्मोनरी हाइपरटेंशन हार्ट का सबसे बड़ा दुश्मन

myupchar.com से जुड़े डॉ. आयुष पांडे के अनुसार, पल्मोनरी हाइपरटेंशन एक प्रकार का हाई ब्लड प्रेशर है। यह फेफड़ों की धमनियों और हार्ट पर असर डालता है। इस बीमारी को ठीक नहीं किया जा सकता है, लेकिन कंट्रोल किया जा सकता है।  

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